
मुजफ्फरपुर: विश्वकर्मा एकता महारैली के सफल आयोजन को लेकर भारतीय विश्वकर्मा महासंघ के तत्वावधान में सोमवार को गरीब स्थान स्थित पुरुषोत्तम प्रसाद स्वर्णकार विवाह भवन में कार्यकर्ता सह जनसंवाद सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वजीत कुमार और संचालन राजाविनित कुमार ने किया। सम्मेलन में सैकड़ों विश्वकर्मा बंधुओं ने शामिल होकर अपनी एकजुटता का परिचय दिया।
संगठन को मजबूत कर सत्ता संघर्ष की ओर बढ़ने का आह्वान
कार्यक्रम में उपस्थित भारतीय विश्वकर्मा महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकुल आनंद विश्वकर्मा ने कहा कि आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी विश्वकर्मा समाज सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक सभी क्षेत्रों में उपेक्षित है। उन्होंने जोर देकर कहा, “जब तक समाज के लोग संसद और विधानसभा में अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराएंगे, तब तक हमारे अधिकारों का हनन होता रहेगा।”उन्होंने “मिशन 2025” के तहत विश्वकर्मा एकता महारैली को सफल बनाने के लिए सभी को संगठित होकर सत्ता संघर्ष की ओर बढ़ने का आह्वान किया। मुकुल आनंद ने कहा, “जिनकी आबादी मात्र दो प्रतिशत है, उन्हें सत्ता में आज़ादी के समय से ही सम्मान मिल रहा है, जबकि विश्वकर्मा समाज की आबादी आठ प्रतिशत होने के बावजूद राजनीतिक भागीदारी से वंचित है।”
राजनीतिक भागीदारी से आगे, अब सत्ता संघर्ष की तैयारी
सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत के सातवें राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के पौत्र इंद्रजीत सिंह बब्बू ने कहा, “अब विश्वकर्मा समाज इस उपेक्षा और अपमान को और बर्दाश्त नहीं करेगा। अब केवल राजनीतिक भागीदारी ही नहीं, बल्कि सत्ता के लिए संघर्ष होगा।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्वकर्मा समाज लंबे समय से रैलियों और कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी स्थिति के प्रति सभी राजनीतिक दलों का ध्यान आकर्षित करता रहा है, लेकिन किसी ने साथ नहीं दिया। इसलिए, “आने वाले चुनाव में हर सीट पर अपने समाज के उम्मीदवार खड़े करके उन्हें विजयी बनाने का कार्य किया जाएगा।”
महिलाओं और युवाओं की भागीदारी पर जोर
महासंघ की नेत्री सुजाता शर्मा ने अपने संबोधन में समाज के सभी लोगों, विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं से संगठित होने की अपील की। उन्होंने कहा कि “संगठन की ताकत ही समाज को उसका अधिकार दिला सकती है।”
सम्मेलन में प्रमुख लोगों की उपस्थिति
इस सम्मेलन में विश्वकर्मा के पाँचों पुत्रों के वंशजों सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। इस दौरान जिला प्रभारी सह संयोजक राजकिशोर शर्मा, महेश शर्मा, बाबूलाल प्रसाद, सुधांशु कुमार बिपिन, डॉ. रामनरेश पंडित, दिनेश्वर पंडित, शत्रुघ्न ठठेरा, पवन ठठेरा, राजकुमार शर्मा, रविशंकर गुप्ता, गौरीशंकर शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।