
मुजफ्फरपुर: जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने समाहरणालय सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में एईएस (चमकी बुखार) की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर अधिकारियों को अलर्ट मोड में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में कोताही एवं लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रखंडवार तैयारी और जागरूकता अभियान
जिलाधिकारी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों से प्रखंडवार तैयारी संबंधी फीडबैक लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि:
• जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत कर्मियों के साथ बैठक की जाए।
• कर्मियों के प्रशिक्षण की स्थिति सुनिश्चित हो।
• पंचायतवार वाहन टैगिंग, दवा की उपलब्धता और क्षेत्र भ्रमण की स्थिति स्पष्ट हो।
• 0-15 आयु वर्ग के बच्चों की सूची तैयार की जाए।
5 अप्रैल से हर शनिवार शाम 5:00 बजे पंचायतों में संध्या चौपाल का आयोजन होगा, जिसमें अधिकारी जागरूकता अभियान चलाएंगे। सोमवार और गुरुवार को प्रभात फेरी, मंगलवार को गृह भ्रमण, बुधवार और शुक्रवार को संध्या चौपाल आयोजित किए जाएंगे।
चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा
• सिविल सर्जन को स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर प्रचार सामग्री वितरण का निर्देश।
• सभी डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी रात्रि पाली में ड्यूटी पर बने रहें।
• अस्पतालों में चिकित्सकों और कर्मियों की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए।
• सभी विद्यालयों के चेतना सत्रों में चमकी बुखार से संबंधित जानकारी साझा की जाए।
चमकी बुखार: लक्षण और रोकथाम
लक्षण:
• चमकी (अकड़न) के साथ तेज बुखार
• सिरदर्द और अर्द्ध/पूर्ण बेहोशी
तीन धमकियां याद रखें:
• खिलाएं – बच्चों को रात में भरपेट भोजन और मीठा दें।
• जगाएं – रात में और सुबह देखें कि बच्चा होश में है या नहीं।
• अस्पताल ले जाएं – लक्षण दिखते ही आशा दीदी को सूचित कर तुरंत पीएचसी/सीएचसी पहुंचाएं।
सावधानियां:
• तेज धूप में जाने से बचें।
• दिन में दो बार स्नान कराएं।
• रात में पूरा भोजन कराएं।
• लक्षण दिखते ही ओआरएस या चीनी-नमक का घोल पिलाएं।
अभियान को मिशन मोड में संचालित करने का निर्देश
जिलाधिकारी ने साप्ताहिक समीक्षा बैठकें करने और स्वास्थ्य विभाग, आईसीडीएस एवं जीविका टीम के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा। साथ ही, इस अभियान को मिशन मोड में प्राथमिकता देने की बात कही।
बैठक में उपस्थित अधिकारी:
• नगर महापौर श्रीमती निर्मला देवी साहू
• उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम
• नगर आयुक्त श्री विक्रम विरकर
• अपर समाहर्ता (राजस्व) श्री संजीव कुमार
• लीची अनुसंधान केंद्र, नेहरू युवा केंद्र एवं रेड क्रॉस के प्रतिनिधि
• वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी।
“बच्चों की सुरक्षा हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। किसी भी लक्षण पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें और सतर्क रहें।” – जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन